दूसरे जिले व राज्यों से आने वाले लोगों की तादाद अब घटने लगी है और जो आ रहे उन्हें सीधे क्वारंटाइन भेज रहे हैं ताकि वे किसी के संपर्क में नहीं आएं। फिलहाल प्रशासन का फोकस क्षेत्र में होने वाली सामान्य व संदिग्ध मौतों की मॉनीटरिंग पर है। कहीं से भी किसी भी व्यक्ति की मौत की खबर आती है तो पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम उसका परीक्षण कर रही है। संदिग्ध होने पर सैंपल लिए जा रहे हैं तथा सामान्य होने पर सीधे अंतिम संस्कार की अनुमति दे रहे हैं।
जावरा ब्लॉक में रविवार को 10 घंटे के दरमियान 3 लोगों की मौत हुई। इनमें से जावरा के सागरपेशा निवासी 60 वर्षीय महिला को परिजन कब्ज व बीपी की परेशानी होने पर रविवार सुबह सिविल अस्पताल लाए थे। उसे सांस लेने में भी तकलीफ थी। थोड़ी देर बाद निधन हो गया। बीएमओ डॉ. दीपक पालड़िया ने बताया महिला की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी लेकिन इनके दो बेटे पखवाड़ेभर पहले इंदौर से लौटे इसलिए सैंपल लिए तथा सुरक्षित तरीके से शव को सुपुर्द-ए- खाक करवाया है। ग्राम मोकाखेड़ा में 45 साल के शौकत खां की लीवर संबंधी बीमारी के चलते मौत हो गई। ग्राम रिछाचांदा में उम्रदराज 80 वर्षीय गीताबाई का निधन हुआ। इनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है और ना ही किसी तरह के लक्षण मिले। इसलिए इनके सैंपल नहीं लिए हैं।
10 घंटे में 3 लोगों की मौत, इनमें से 1 संदिग्ध ने अस्पताल में दम तोड़ दिया